- रवि शुक्ल

अगर ज़िन्दगी में न राहत मिले तो यकीं में न करना कमी, मांग लेना – रवि शुक्ला

बीकानेर, राजस्थान के रवि शुक्ल उत्तर पश्चिम रेलवे में कार्यरत हैं, ग़ज़लों पर उनकी जानकारी काबिले तारीफ़ है। श्री शुक्ल मसरूफ ज़िन्दगी में से कुछ पल निकाल कर अपने मनोभावों को अल्फ़ाज़ दिया करते हैं। पेश है उनकी एक ग़़ज़ल-
शिज्जु शकूर

अगर ज़िन्दगी में न राहत मिले तो यकीं में न करना कमी, मांग लेना,
सभी को अता की है नेमत उसी ने, सनम से हमारे ख़ुशी मांग लेना।

मेरे प्यार को तुमने इलज़ाम देकर, ज़माने में नाहक ही रुसवा किया है
तुम्हे प्यार करता हूँ करता रहूंगा न मुझसे मेरी बंदगी मांग लेना

सुबूते वफ़ा और क्या मैं तुम्हे दूं मुहब्बत का जज़्बा वही आज भी है
अगर काम आये तुम्हारी अना के तो मुझसे मेरी ज़िन्दगी मांग लेना

भटकती हुई रेगज़ारो में तनहा मुझे क़ैस की तिश्नगी ऐसे बोली
अगर बारगाहों में जाओ तुम उसकी तो मेरे लिए इक नदी मांग लेना

ये दैरो हरम ये कलीसा शिवाले सभी वक़्त बेवक़्त आवाज देंगे
बहुत शोर है तुमसे बाते न होंगी दुआओ में बस ख़ामुशी मांग लेना

जो मेहरो वफ़ा की इनायत इधर हो कभी मेरे टूटे हुए दिल में आओ
अँधेरा बहुत है तुम्हे हो न मुश्किल सितारों से कुछ रोशनी मांग लेना

2 thoughts on “अगर ज़िन्दगी में न राहत मिले तो यकीं में न करना कमी, मांग लेना – रवि शुक्ला

  1. शुक्रिया शिज्जु भाई ग़ज़ल गो में स्थान देने के लिए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *