खुर्शीद ख़ैराड़ी

बात से बात निकालो तो कोई बात बने – ख़ुर्शीद खैराड़ी

जोधपुर के रहने वाले श्री खुर्शीद खैराड़ी जितनी कमाल की ग़ज़ले कहते हैं उतने ही सशक्त छंदकार भी हैं। इनका पूरा नाम महावीर सिंह हैं, आप भारतीय रेलवे में पर्यपेक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इनकी रचनाएँ विभिन्न प्रिंट व वेब पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।
शिज्जु शकूर

बात से बात निकालो तो कोई बात बने
इक नई बात उछालो तो कोई बात बने

बात से अपनी मुकरने में बड़ी बात नहीं
बात पर शीश कटालो तो कोई बात बने

दर्द की बात का रोना तो सभी रोते हैं
दर्द को गीत बनालो तो कोई बात बने

डूबती बात किनारे प’ लगाकर देखो
टूटती बात सँभालो तो कोई बात बने

आप ‘खुरशीद’ उजाले की करो हो बातें
गाँव की भोर उजालो तो कोई बात बने

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1 Comment

  1. Razique ansari says:

    बहुत खूब जनाब वाहहहहहहहह लाजवाब

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