Ghazal-go, Muntazir Firozabaadi, Kalaam
- मुन्तज़िर फ़िरोज़ाबादी

वक़्ते-क़याम और भी कुछ तो हो सकता था – मुन्तज़िर फ़िरोज़ाबादी

वक़्ते-क़याम और भी कुछ तो हो सकता था मुन्तज़िर साहब उन ग़ज़ल-गो की राह पर हैं, जिनकी ग़ज़लें परम्परा और…

Read More

Ghazal, Aarti Kumari, Love Poetry
- डॉ आरती कुमारी

आप तो रिश्तों में भी चालाकियाँ करते रहे – डॉ. आरती

आप तो रिश्तों में भी चालाकियाँ करते रहे मुज़फ़्फ़पुर(बिहार) निवासी डॉ. श्रीमती आरती कुमारी एक आला दर्ज़े की शायरा हैं।…

Read More