Ghazal go, Ehtaram Islam

लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है – एहतराम इस्लाम

पेश है एहतराम इस्लाम साहिब की किताब ‘हाज़िर है एह्तराम’ से एक ग़ज़ल लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है दश्त ए वीराँ को भी गुलज़ार बना देता है सफ़्ह’-ए-ज़ेह्न पे यादों के क़लम से कोई नाम लिखता है कोई और मिटा देता है तश्न’-लब …

obo live tarhi 100 ghazal saurabh pandey

ओबीओ लाइव तरही – 100/ सौरभ पाण्डेय

छोड़ कर तू चला गया है मुझे ओबीओ लाइव तरही – 100 में पेश है श्री सौरभ पाण्डेय जी की ग़ज़ल छोड़ कर तू चला गया है मुझे सबसे कहना ये भा गया है मुझे दोस्ती में परत जो होती है यार मेरा दिखा गया है मुझे तुम सियासत के चोंचले रक्खो खेल का ढंग …

ghazal ehtaram islam

आँखो में भड़कती हैं आक्रोश की ज्वालाएँ – एहतराम इस्लाम

आँखो में भड़कती हैं मोहतरम एहतराम इस्लाम साहिब की किताब ‘है तो है’ से एक ग़ज़ल आँखो में भड़कती हैं आक्रोश की ज्वालाएँ हम लांघ गये हैं शायद संतोष की सीमाएँ पग-पग पे प्रतिष्ठित हैं पथ-भ्रष्ट दुराचारी इस नक्शे पे हम खुद को किस बिन्दु पे दर्शाएँ अनुभूति की दुनिया में भूकम्प-सा आया है आधार …

Mukaddar, Giriraj

जो हिकमतों से मुक़द्दर तराश लेते हैं – गिरिराज भंडारी

जो हिकमतों से मुक़द्दर तराश लेते हैं पेश है गिरिराज भंडारी जी की एक गज़ल – जो हिकमतों से मुक़द्दर तराश लेते हैं पड़े जो वक़्त वो मंज़र तराश लेते हैं वो मुझसे पूछने आये हैं मा’ना हँसने का सुकूँ के पल से जो महशर तराश लेते हैं उन्हें यक़ीन है वो आँधियाँ बना लेंगे …

सुरखाब बशर, ओबीओ लाइव तरही

OBO Live Tarahi-100/Surkhab Bashar

OBO Live Tarahi-100/Surkhab Bashar OBO Live Tarahi-100 में पेश है उज्जैन के शाइर सुरख़ाब बशर जी की एक गज़ल जाम ऐसा पिला गया है मुझे जाम ऐसा पिला गया है मुझे चाँद सा जगमगा गया है मुझे इश्क़ में ऐसे टूटता है दिल गिर के शीशा बता गया है मुझे हिज्र के ग़म का काफ़िला …