ओबीओ लाइव तरही-100 / रवि शुक्ल

ओबीओ लाइव तरही-100 में पेश है बीकानेर के शाइर रवि शुक्ल जी की यह ग़ज़ल- फूल जैसा बना गया है मुझे फूल जैसा बना गया है मुझे, ख़ुशबुओं में मिला गया है मुझे फिर कभी लौट कर नहीं आया, आईना जो बना गया है मुझे तेरे होते हुए रक़ीब मेरा, कितनी बाते सुना गया है …

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ओबीओ लाइव तरही 100 – अंजलि गुप्ता ‘सिफ़र’

अम्बाला की शायरा अंजलि गुप्ता ‘सिफ़र’ की पहचान लघुकथाकार के रूप में भी है। हाल ही में विभिन्न पत्रिकाओं और साझा संकलन में आपकी रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। ओबीओ लाइव तरही 100 में पेश है अंजलि गुप्ता ‘सिफ़र’ जी की ग़ज़ल- छोड़ कर जो चला गया है मुझे छोड़ कर जो चला गया है मुझे ख़्वाब …

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ओबीओ लाइव तरही 100 – प्यार करना/अजीत शर्मा ‘आकाश’

ओबीओ लाइव तरही 100 में पेश है इलाहाबाद के जनवादी शाइर श्री अजीत शर्मा ‘आकाश’ की दूसरी ग़ज़ल- प्यार करना सिखा गया है मुझे प्यार करना सिखा गया है मुझे वो मुकम्मल बना गया है मुझे उससे बढ़कर न होगी जन्नत भी ऐसी दुनिया दिखा गया है मुझे उसके चेहरे पे, उसकी आँखों में जाने …

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ओबीओ लाइव तरही-100/ श्रीमती राजेश कुमारी

देहरादून की शायरा श्रीमती राजेश कुमारी ‘राज’ जी ओबीओ की कार्यकारिणी सदस्या हैं। आपने ग़ज़ल के अलावा सनातनी छंद व लघुकथाओं की रचना भी की है। आप विभिन्न मंचों पर लगातार सक्रिय हैं। ओबीओ लाइव तरही 100 में पेश है श्रीमती राजेश कुमारी जी ग़ज़ल- दिन में तारे दिखा गया है मुझे दिन में तारे …

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ओबीओ लाइव तरही-100/दिलबाग विर्क

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में हरियाणा के शाइर श्री दिलबाग सिंह विर्क जी की गज़ल- राह से वो हटा गया है मुझे राह से वो हटा गया है मुझे तोड़ कसमें, भुला गया है मुझे यूँ ही उड़ता रहा, हवा में मैं आइना वो दिखा गया है मुझे रोजो-शब उसको सोचता हूँ बस रोग …

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ओबीओ लाइव तरही 100 – आइना/अरुण कुमार निगम

ओबीओ के कार्यकारिणी सदस्य श्री  अरुण निगम जी छत्तीसगढ़ी साहित्य में भी अच्छा खासा दख्ल रखते हैं। छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. श्री कोदूराम दलित के सुपुत्र श्री अरुण कुमार निगम जी साहित्य की बेहतरी के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न मंचों पर वे सक्रिय योगदान दे रहे हैं। पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में दुर्ग(छत्तीसगढ़) …

ओबीओ लाइव तरही 100 – हुस्न के जल्वे/मिर्ज़ा जावेद बेग़

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में उज्जैन के शाइर मोहतरम जावेद मिर्ज़ा बेग़ साहिब की गज़ल हुस्न जलवे दिखा गया है मुझे हुस्न जलवे दिखा गया है मुझे ख़ुद से ग़ाफ़िल बना गया है मुझे अबरू-ए-ख़म दिखा के वो देेखो मह्व-ए-हैरत बना गया है मुझे इक तबस्सुम से सुर्ख़ होंटों के बाज़ी-ए-दिल हरा गया है …

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ओबीओ लाइव तरही 100 – जब तुम्हारा लिखा गया/योगराज प्रभाकर

ओबीओ लाइव तरही 100 में पेश है पटियाला के रचनाकार ओबीओ के प्रधान संपादक व लघुकथा पर आधारित पत्रिका लघुकथा कलश के संपादक श्री योगराज प्रभाकर जी की दूसरी ग़ज़ल- जब तुम्हारा लिखा गया है मुझे जब तुम्हारा लिखा गया है मुझे, तब हसद से पढ़ा गया है मुझे मैं ज़मीं से जुड़ा रहा हूँ …

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ओबीओ लाइव तरही 100 – याद फिर कोई/समर कबीर

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में उज्जैन की उस्ताद शाइर मोहतरम समर कबीर साहिब की गज़ल। ओबीओ तरही मुशायरे का 100वाँ अंक आपके ही मिसरे पर आधारित है। याद फिर कोई आ गया है मुझे याद फिर कोई आ गया है मुझे ख़ूँ के आँसू रुला गया है मुझे ये भी ऐज़ाज़ कम नहीं यारो …

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ओबीओ लाइव तरही-100/अजीत शर्मा ‘आकाश’

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में इलाहाबाद के शाइर श्री अजीत शर्मा ‘आकाश’ की गज़ल लम्हा-लम्हा छला गया है मुझे लम्हा-लम्हा छला गया है मुझे सिर्फ़ झाँसा दिया गया है मुझे रात से डर के डूब जाता है फिर से सूरज बता गया है मुझे मैं भटक जाता, दोस्त कोई मगर राहे-मंज़िल बता गया है …