aankhon mein khoon ghazal ehtaram islam

आँखो में खून देखें तो क़दमों पे सर झुकाएँ – एहतराम इस्लाम

आँखो में खून देखें पेश है एहतराम इस्लाम साहिब की एक ग़ज़ल- आँखो में खून देखें तो क़दमों पे सर झुकाएँ आँसू मिलें तो लोग मुझे ठोकर लगाएँ ला-हासिली ही ठहरी जो हर बह्स का नसीब क्या सोचकर किसी से कोई गुफ़्तगू चलाएँ जाता है सीधा दोस्तो शमशान की तरफ़ इस रास्ते पे आप अगर …

Ghazal go, Ehtaram Islam

लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है – एहतराम इस्लाम

पेश है एहतराम इस्लाम साहिब की किताब ‘हाज़िर है एह्तराम’ से एक ग़ज़ल लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है लम्हा जो दिल में तेरी याद जगा देता है दश्त ए वीराँ को भी गुलज़ार बना देता है सफ़्ह’-ए-ज़ेह्न पे यादों के क़लम से कोई नाम लिखता है कोई और मिटा देता है तश्न’-लब …

ghazal ehtaram islam

आँखो में भड़कती हैं आक्रोश की ज्वालाएँ – एहतराम इस्लाम

आँखो में भड़कती हैं मोहतरम एहतराम इस्लाम साहिब की किताब ‘है तो है’ से एक ग़ज़ल आँखो में भड़कती हैं आक्रोश की ज्वालाएँ हम लांघ गये हैं शायद संतोष की सीमाएँ पग-पग पे प्रतिष्ठित हैं पथ-भ्रष्ट दुराचारी इस नक्शे पे हम खुद को किस बिन्दु पे दर्शाएँ अनुभूति की दुनिया में भूकम्प-सा आया है आधार …

Top 10 Hindi Sher, Ehtaram Islam,

टॉप 10 शेर – एहतराम इस्लाम

टॉप 10 शेर – एहतराम इस्लाम इलाहाबाद में जश्न ए ग़ज़ल कार्यक्रम के दौरान मुझे एहतराम इस्लाम साहिब से पहली बार मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उसी दौरान उनकी ग़ज़लें भी साक्षात सुनने को मिली। जब मैंने पहली दफा एहतराम इस्लाम साहिब की ग़ज़लें पढ़ीं, पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ कि उदाहरण, जागरण, व्याकरण …