Ghazal Mirza Javed Baig

इतनी बुलंद – गज़ल, मिर्ज़ा जावेद बेग

पेश है मिर्ज़ा जावेद बेग साहिब की ग़ज़ल- “इतनी बुलंद ओ बाला तू अपनी मजाल कर” इतनी बुलंद ओ बाला तू अपनी मजाल कर मुंह ज़ोर आँधियों की ये हस्ती निढ़ाल कर ज़ुल्मत मिटा जहान से अजदाद की तरह फिर से शुजाअतों की तू क़ायम मिसाल कर ख़ुशबू से जिसकी महके वतन की गली गली …