jheel aankhon aaina roshan ravi shukla

झील सी आँखों में कोई आइना रोशन करें – रवि शुक्ल

झील सी आँखों में कोई आइना रोशन करें यानी इक हैरानियों का सिलसिला रोशन करें दश्त की तन्हाइयों में हैं अगर तारीक़ियाँ बात करने के लिए इक तज़किरा रोशन करें पत्थरों ने कब किये हैं हल मसाइल क़ौम के आओ मिलकर अम्न की हम इक दुआ रोशन करें हो गए गर दूर रिश्ते कल तलक …

Ghazal, Siyasat, Ravi Shukla

हमें न ख़्वाब दिखाओ चुनाव के दिन हैं – रवि शुक्ल

हमें न ख़्वाब दिखाओ चुनाव के दिन हैं रवि शुक्ल जी बेहद संजीदा ग़ज़लकार हैं। उनकी संजीदगी देखिए इस तंज़िया गज़ल में भी खूब नज़र आई है। चुनाव और राजनीति में कई ग़ज़लें कही गई हैं लेकिन रवि साहिब का लहज़ा बिल्कुल जुदा है। इस शे’र को देखिए जो चल रहे हैं ज़माने में ले …

यूँ सब से एक रिश्ता है सभी का – रवि शुक्ल

यूँ सब से एक रिश्ता है सभी का बीकानेर, राजस्थान के श्री रवि शुक्ल जी ने कई बेहतरीन ग़ज़लें लिखी है। यह ग़ज़ल भी उन्हीं में से एक है। हाल ही में दीवान दौर ए हाज़िर प्रकाशित हुआ है। इसमें रवि शुक्ल जी की ग़ज़लें भी सम्मिलित की गई हैं। इस ग़ज़ल की बात करूँ …

अगर ज़िन्दगी में न राहत मिले तो यकीं में न करना कमी, मांग लेना – रवि शुक्ला

बीकानेर, राजस्थान के रवि शुक्ल उत्तर पश्चिम रेलवे में कार्यरत हैं, ग़ज़लों पर उनकी जानकारी काबिले तारीफ़ है। श्री शुक्ल मसरूफ ज़िन्दगी में से कुछ पल निकाल कर अपने मनोभावों को अल्फ़ाज़ दिया करते हैं। पेश है उनकी एक ग़़ज़ल- – शिज्जु शकूर अगर ज़िन्दगी में न राहत मिले तो यकीं में न करना कमी, मांग …