Ghazal, Rajesh Kumari Raj, Ghazalgo

मौला की रहमतों का है अंजाम आदमी – राजेश कुमारी ‘राज’

मौला की रहमतों का है अंजाम आदमी हाज़िर है देहरादून की शायरा राजेश कुमारी जी की एक ग़ज़ल। अपनी बात कहने के लिए बड़ी आहंग खेज बह्र का सहारा लिया है। मतले से ही एक मेयारी कलाम का अहसास हो जाता है जो शेर दर शेर आगे चलता है। ग़ज़ल शायरा के फ़लसफ़े को बख़ूबी …