Saman Kabeer

OBO Live Tarahi-100/Samar Kabeer

OBO Live Tarahi-100/Samar Kabeer OBO Live Tarahi-100 शीर्षक से पोस्ट होने वाली गज़लें ओबीओ डॉट कॉम से ली गई हैं। पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से ओपन बुक्स ऑनलाइन द्वारा अनवरत आयोजित किया जाना वाला ओबीओ लाइव तरही मुशायरा हाल ही में अपने आयोजन के सौ अंक पूरे कर चुका है। इंटरनेट पर शायद …

मुंह देखते हैं मेरा हुनर देखते नहीं – समर कबीर

मुंह देखते हैं मेरा हुनर देखते नहीं समर कबीर साहिब का तज़्रबा, ग़ज़ल के साथ-साथ उर्दू में उनकी पकड़ बतौर शाइर उन्हें विशिष्ट पहचान देते हैं। इसी ग़ज़ल में देखिए उन्होंने क्या कमाल के अशआर कहे हैं। अंजान बनके पूछ रहे हो कि क्या हुआ, अखबार में छपी है खबर देखते नहीं  अपना बनने वाले …

Urdu Ghazal, Latest Poetry, Samar Kabeer

समझा समझा कर हरजाई थक गया मैं – समर कबीर

समझा समझा कर हरजाई थक गया मैं समर कबीर साहिब  उस्ताद का दर्जा रखते हैं और वे ग़ज़ल की शिल्प के प्रति सजग शाइर  हैं । इस दौर के दूसरे शाइरों से भी वे उम्मीद करते हैं कि वे शिल्प और शब्दों के प्रयोग के प्रति सचेत रहें। सच ही तो है ग़ज़लगोई इतनी आसान …

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समरा : शायर – समर कबीर

समरा: वारिस-ए-क़मर का सरमाया मोहतरम जनाब समर कबीर साहब के वालिद मरहूम जनाब क़मर साहब एक आला दर्ज़े के शायर थे; यानि ग़ज़लगोई जनाब समर कबीर साहब के खून में है और उनकी ग़ज़ल का हर शे’र इस बात की तस्दीक़ भी करता है। समरा- एक सौ बारह पृष्ठ, तक़रीबन सौ ग़ज़लें; फ़क़त इतना ही …

ज़ह्न में यूँ तो रौशनी है बहुत – समर कबीर

मोहतरम जनाब समर कबीर साहब उज्जैन के वरिष्ठ व उस्ताद ग़ज़लकार हैं जो कई वर्षों से ग़ज़ल की दुनिया में सक्रिय हैं। उनकी पकड़ पर ग़ज़ल के अरूज पर जितनी मजबूत है उतनी उर्दू ज़बान पर भी। वे इस दौर के उर्दू अदब में अच्छा खासा दख्ल रखते हैं। उन्हें अदब की खिदमात के लिए …