ज़िंदगी की डोर है इक पेड़ पर अटकी हुई – सीमा शर्मा ‘मेरठी’

ज़िंदगी की डोर है इक पेड़ पर अटकी हुई सीमा शर्मा ‘मेरठी’ जी ग़ज़ल की दुनिया में पिछले कई वर्षों से सक्रिय हैं। इनकी ग़ज़लें शिल्प, कहन और प्रस्तुति के लिहाज से कसी हुई होती हैं। इसी का एक उदाहरण है यह ग़ज़ल। इस ग़ज़ल में प्रयुक्त बिम्ब व प्रतीक आश्चर्य चकित कर देते हैं, …