सुरखाब बशर, ओबीओ लाइव तरही

OBO Live Tarahi-100/Surkhab Bashar

OBO Live Tarahi-100/Surkhab Bashar OBO Live Tarahi-100 में पेश है उज्जैन के शाइर सुरख़ाब बशर जी की एक गज़ल जाम ऐसा पिला गया है मुझे जाम ऐसा पिला गया है मुझे चाँद सा जगमगा गया है मुझे इश्क़ में ऐसे टूटता है दिल गिर के शीशा बता गया है मुझे हिज्र के ग़म का काफ़िला …

ghazal surlhab bashar

दिल से निकली ज़ुबान तक पहुँची – सुरख़ाब बशर

दिल से निकली ज़ुबान तक पहुँची पेश है सुरख़ाब बशर की एक ग़ज़ल दिल से निकली ज़ुबान तक पहुँची इक सदा आसमान तक पहुँची उस बुलंदी पे दिल को यूँ तोड़ा बात सारे जहान तक पहुँची उन के लब याद आ गए मुझको जब नज़र पान दान तक पहुँची ये मुहब्बत की कामयाबी है आशिक़ी …