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अजीत शर्मा आकाश

ओबीओ लाइव तरही 100 – प्यार करना/अजीत शर्मा ‘आकाश’

ओबीओ लाइव तरही 100 में पेश है इलाहाबाद के जनवादी शाइर श्री अजीत शर्मा ‘आकाश’ की दूसरी ग़ज़ल-

प्यार करना सिखा गया है मुझे

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प्यार करना सिखा गया है मुझे
वो मुकम्मल बना गया है मुझे

उससे बढ़कर न होगी जन्नत भी
ऐसी दुनिया दिखा गया है मुझे

उसके चेहरे पे, उसकी आँखों में
जाने कितना पढ़ा गया है मुझे

मुस्कुराहट से क़त्ल करता है
उसका अन्दाज़ भा गया है मुझे

होश मेरे तो हो रहे हैं गुम
जाने क्या शै पिला गया है मुझे

कोई जा के बता दे सूरज को
चाँद पूनम का भा गया है मुझे

ये करम है मेरे सितमगर का
सब्र करना तो आ गया है मुझे

मुझसे ‘आकाश’ पढ़ने आया था
ढाई अक्षर पढ़ा गया है मुझे

ये करम है मेरे सितमगर का
सब्र करना तो आ गया है मुझे

अजीत शर्मा ‘आकाश’

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