Ghazal Go

आज के ग़ज़ल गो

ओबीओ लाइव तरही 100 – चुप रहूँ/रवि शुक्ल

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में बीकानेर के शाइर श्री रवि शुक्ल की गज़ल-

चुप रहूँ ये कहा गया है मुझे

चुप रहूँ ये कहा गया है मुझे
और फिर घर बिठा गया है मुझे

बस बदलती रहेंगी तस्वीरें
फ्रेम जैसा बना गया है मुझे

जाते जाते वो इक बहाने से
दिल की धड़कन सुना गया है मुझे

मैं न पीता तो और क्या करता
जामो मीना थमा गया है मुझे

ज़िक्र आया ही था बिछड़ने का
साथ अपने रुला गया है मुझे

इन ग़मों की हसीन सुहबत में
सब्र करना तो आ गया है मुझे

जाते जाते वो इक बहाने से
दिल की धड़कन सुना गया है मुझे

रवि शुक्ला

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