ओबीओ लाइव तरही 100 – हुस्न के जल्वे/मिर्ज़ा जावेद बेग़

पेश है ओबीओ लाइव तरही-100 में उज्जैन के शाइर मोहतरम जावेद मिर्ज़ा बेग़ साहिब की गज़ल

हुस्न जलवे दिखा गया है मुझे

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हुस्न जलवे दिखा गया है मुझे
ख़ुद से ग़ाफ़िल बना गया है मुझे

अबरू-ए-ख़म दिखा के वो देेखो
मह्व-ए-हैरत बना गया है मुझे

इक तबस्सुम से सुर्ख़ होंटों के
बाज़ी-ए-दिल हरा गया है मुझे

मेरा मुझमें बचा नहीं कुछ भी
वो मुकम्मल चुरा गया है मुझे

लब पे पहरे थे, धड़कनों से मगर
हाल-ए-दिल वो सुना गया है मुझे

तू न होता तो डूब जाता मैं
तेरा होना तिरा गया है मुझे

मैं तो लाइक़ न था मगर “मिर्ज़ा”
यार मेरा निभा गया है मुझे

लब पे पहरे थे, धड़कनों से मगर
हाल-ए-दिल वो सुना गया है मुझे

-मिर्ज़ा जावेद बेग

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