मुहब्बत

ओबीओ लाइव तरही-100 / रवि शुक्ल

ओबीओ लाइव तरही-100 में पेश है बीकानेर के शाइर रवि शुक्ल जी की यह ग़ज़ल-

फूल जैसा बना गया है मुझे

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फूल जैसा बना गया है मुझे,
ख़ुशबुओं में मिला गया है मुझे

फिर कभी लौट कर नहीं आया,
आईना जो बना गया है मुझे

तेरे होते हुए रक़ीब मेरा,
कितनी बाते सुना गया है मुझे

तेरी यादों का एक झोंका फिर,
नीम शब में जगा गया है मुझे

तेरे दर पर किया हर इक सज़दा
पारसाई सिखा गया है मुझे

जो सलीक़ा है दर्द-मंदो का
वो इबादत से आ गया है मुझे

इश्क़ में कामयाब जब न हुआ,
सब्र करना फिर आ गया है मुझे

और ग़म का इलाज क्या होगा,
“सब्र करना तो आ गया है मुझे”

जो सलीक़ा है दर्द-मंदो का
वो इबादत से आ गया है मुझे

रवि शुक्ल

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