Samunder, Shayari, Hindi,
अनुज 'अब्र'

ख़ामख़ा हैरान होंगे इक समंदर देखकर – ‘अनुज अब्र’

क्या करेंगे आप मेरे दिल के भीतर देखकर अनुज ‘अब्र’ आज के दौर के उत्साही, मेहनती और सीखने को तत्पर शाइर हैं। जो अपनी ग़ज़ल के हर शे’र के पीछे कड़ी मेहनत करते हैं। उनकी इस गज़ल की गई उनकी मेहनत साफ दिखाई देती है। “क्या करेंगे आप मेरे दिल के भीतर देखकर ख़ामख़ा हैरान …

Barish, Shayari, Ghazal
अमित 'अहद'

जब भी बरसी अज़ाब की बारिश – अमित ‘अहद’

जब भी बरसी अज़ाब की बारिश बारिश रदीफ़ लेकर अमित अहद जी ने एक बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है। वैसे तो देखने में यह ज़मीन बहुत मुश्किल जान पड़ती है। लेकिन अमित अहद साहिब ने जितनी आसानी से शायरी की है वो हैरान करती है। मक्ता देखिए “प्यार से रोक दी ही है, मैंने …

अशोक अंजुम

वफाएँ लड़खड़ाती हैं भरोसा टूट जाता है – अशोक अंजुम

वफाएँ लड़खड़ाती हैं भरोसा टूट जाता है श्री अशोक अंजुम जी की ग़ज़लें ही उनका परिचय है। ग़ज़लों की दुनिया में वर्षों से सक्रिय श्री अशोक अंजुम साहब बिल्कुल जदीद शायरी करते हैं। चाहे वो बिम्ब और प्रतीक हों या शब्द चयन इनकी गज़लें सीधे आम आदमी से जुड़ जाती हैं। श्री अशोक अंजुम साहब …

सीमा शर्मा 'मेरठी'

ज़िंदगी की डोर है इक पेड़ पर अटकी हुई – सीमा शर्मा ‘मेरठी’

ज़िंदगी की डोर है इक पेड़ पर अटकी हुई सीमा शर्मा ‘मेरठी’ जी ग़ज़ल की दुनिया में पिछले कई वर्षों से सक्रिय हैं। इनकी ग़ज़लें शिल्प, कहन और प्रस्तुति के लिहाज से कसी हुई होती हैं। इसी का एक उदाहरण है यह ग़ज़ल। इस ग़ज़ल में प्रयुक्त बिम्ब व प्रतीक आश्चर्य चकित कर देते हैं, …

रवि शुक्ल

यूँ सब से एक रिश्ता है सभी का – रवि शुक्ल

यूँ सब से एक रिश्ता है सभी का बीकानेर, राजस्थान के श्री रवि शुक्ल जी ने कई बेहतरीन ग़ज़लें लिखी है। यह ग़ज़ल भी उन्हीं में से एक है। हाल ही में दीवान दौर ए हाज़िर प्रकाशित हुआ है। इसमें रवि शुक्ल जी की ग़ज़लें भी सम्मिलित की गई हैं। इस ग़ज़ल की बात करूँ …

अमित वागर्थ

बुझे चराग़ को फ़िर-फिर जला रहा हूँ मैं – अमित वागर्थ

बुझे चराग़ को फ़िर-फिर जला रहा हूँ मैं इलाहाबाद के शाइर अमित वागर्थ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सीनियर रिसर्च फेलो रहे हैं। अभी हाल ही में आपका चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग से असिस्टेंट प्रोफ़ेसर (हिंदी) के पद पर हुआ है। अमित वागर्थ जी एक प्रतिभाशाली शाइर हैं। उनकी यह ग़ज़ल बहर 1212 1122 1212 22 …

राज़िक अंसारी

हमारे दिल में रह कर थक न जाएँ – राज़िक़ अंसारी

हमारे दिल में रह कर थक न जाएँ Humare Dil, Ghazal, Razique Ansari, हमारे दिल में रहकर वरिष्ठ शाइर जनाब  राज़िक़ अंसारी साहिब की एक खूबसूरत गज़ल है। बहर 1222 1222 122 में लिखी गई है, इस ग़ज़ल का लुत्फ लें और प्रतिक्रिया भी ज़रूर दें। हमारे दिल में रह कर थक न जाएँ तुम्हारे …

उर्दू साहित्य की महान शख्सियत

टॉप 10 शेर – निदा फाज़्ली : उर्दू साहित्य की महान शख़्सियत

Top 10 Sher Nida Fazli टॉप 10 शेर, निदा फ़ाज़्ली साहिब के। उर्दू साहित्य की महान शख्सियत। निदा फ़ाज़्ली साहिब बरसों तक गज़ल की दुनिया में सक्रिय थे। उन्होंने फिल्मों के लिए भी कई यादगार गीत और ग़ज़लों की रचना की थी। फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्होंने अपनी मौलिकता बरकरार रखी थी। निदा …

शरदिंदु मुखर्जी

पुस्तक समीक्षा : पृथ्वी के छोर पर, लेखक – शरदिंदु मुखर्जी

पृथ्वी के छोर पर: अंटार्कटिका का सर्द एवं रोमांचक अहसास “अंटार्कटिका के वैज्ञानिक तथ्यों से इसे बोझिल बनाना मैंने उचित नहीं समझा। उसके लिए पाठक को बहुतेरे प्रामाणिक और उत्कृष्ट ग्रंथ उपलब्ध कराए जा सकते हैं।“ लेखक श्री शरदिंदु मुखर्जी जी द्वारा लिखी गयी किताब पृथ्वी के छोर पर का पूरा सार के इन शब्दों …

रोहिताश्व मिश्र

वक़्त आने पे किधर से भी निकल जाऊँगा – रोहिताश्व मिश्र

वक़्त आने पे किधर, ग़ज़ल, रोहिताश्व मिश्रा बहर 2122 1122 1122 22 बहर पर कही गई वक़्त आने पे किधर, ग़ज़ल, रोहिताश्व मिश्रा जी की एक खूबसूरत ग़ज़ल है। रोहिताश्व मिश्रा एक प्रतिभाशाली ग़ज़ल गो हैं, जो साथी ग़ज़ल गो और ग़ज़ल प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। खूबसूरत अशआर से सजी इस ग़ज़ल को …