- उर्दू साहित्य की महान शख्सियत

टॉप 10 शेर – निदा फाज़्ली : उर्दू साहित्य की महान शख़्सियत

Top 10 Sher Nida Fazli

टॉप 10 शेर, निदा फ़ाज़्ली साहिब के। उर्दू साहित्य की महान शख्सियत। निदा फ़ाज़्ली साहिब बरसों तक गज़ल की दुनिया में सक्रिय थे। उन्होंने फिल्मों के लिए भी कई यादगार गीत और ग़ज़लों की रचना की थी। फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्होंने अपनी मौलिकता बरकरार रखी थी। निदा साहिब की एक मशहूर किताब है-  दुनिया जिसे कहते हैं ।

उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मा’लूम न था
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला

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वो ख़्वाब जो बरसों से न चेहरा न बदन है
वो ख़्वाब हवाओं में बिखर क्यूँ नहीं जाता

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पत्थरों में भी ज़बाँ होती है दिल होते हैं
अपने घर के दर-ओ-दीवार सजा कर देखो

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Top 10 Sher Nida Fazli

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मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चेहरे का
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए

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मुद्दतें बीत गईं ख़्वाब सुहाना देखे
जागता रहता है हर नींद में बिस्तर मेरा

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बात बहुत मामूली सी थी उलझ गई तकरारों में
एक ज़रा सी ज़िद ने आख़िर दोनों को बर्बाद किया

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मुमकिन है लिखने वाले को भी ये ख़बर न हो
क़िस्से में जो नहीं है वही बात ख़ास है

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दुश्मनी लाख सही खत्म न कीजै रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए

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नक्शा उठाके कोई नया शहर ढूँढिए
इस शहर में तो सबसे मुलाकात हो गई


गज़ल-गो

2 thoughts on “टॉप 10 शेर – निदा फाज़्ली : उर्दू साहित्य की महान शख़्सियत

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